अपने विकल्पों पर विचार
सेकंड ओपिनियन कैसे लें।
सेकंड ओपिनियन लेना एक सामान्य और समझदारी भरा क़दम है — ख़ासकर किसी बड़े इलाज-निर्णय से पहले। यह आपका अधिकार है, और पूछने में कोई ख़र्च नहीं लगता। डॉ खरे और उनकी टीम से सेकंड ओपिनियन लेने का तरीक़ा यहाँ बताया गया है।
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अपनी रिपोर्ट भेजें — या साथ लाएँ
हम हर चीज़ की ध्यान से समीक्षा करते हैं
ज़रूरत पड़ने पर मल्टीडिसिप्लिनरी समीक्षा
एक स्पष्ट, व्यक्तिगत योजना
क्या भेजें या साथ लाएँ।
काम आने वाले रिकॉर्ड
- आपकी बायोप्सी / हिस्टोपैथोलॉजी (HPE) रिपोर्ट
- इमेजिंग — मैमोग्राम, अल्ट्रासाउंड, MRI या PET-CT — फ़िल्म/इमेज और रिपोर्ट, दोनों
- कोई भी प्रिस्क्रिप्शन, इलाज के रिकॉर्ड, या डिस्चार्ज समरी
- अपने सवालों का एक छोटा नोट, ताकि कुछ भी छूट न जाए
यह सिर्फ़ स्पष्टता है।
सेकंड ओपिनियन आपके मौजूदा डॉक्टरों के साथ मिलकर काम करता है — कुछ भी बदलने की कोई बाध्यता नहीं है। लक्ष्य बस इतना है कि आप आगे की राह को लेकर आश्वस्त और पूरी तरह जानकार महसूस करें।
हमें अपनी रिपोर्ट भेजें।
अपना सेकंड ओपिनियन तय करने और अपने रिकॉर्ड साझा करने का सबसे अच्छा तरीक़ा जानने के लिए टीम को कॉल करें।
यह पृष्ठ केवल सामान्य जानकारी के लिए है और व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। सेकंड ओपिनियन आपके रिकॉर्ड की समीक्षा करने के बाद, और जहाँ उचित हो वहाँ आपकी जाँच करने के बाद दिया जाता है। जब तक आपको औपचारिक रूप से देखा नहीं जाता, तब तक यह डॉक्टर–मरीज़ संबंध स्थापित नहीं करता। Read this page in English →